एक्सपर्ट से जानें, हमारी सेहत के लिए क्या बेहतर है और क्‍या नहीं

आजकल फिट रहने के लिए हर न्यूट्रिशनिस्ट अपनी अलग-अलग राय देता है। ऐसे में हमारा सवाल ज्यों का त्यों बना रह जाता है और हम इसी असमंजस में फंस जाते हैं कि हमारे स्वास्थ्य के लिए क्या बेहतर है और क्या नहीं। आलिया भट्ट और सारा अली के फूड एंड न्यूट्रिशिनल साइंटिस्ट डॉ. सिद्घांत भार्गव से जानें, इन्हीं सवालों के जवाब के बारे में।


कभी कोई एक्सपर्ट किनुआ या ओट्स खाने की सलाह देता है तो कोई पिंक सॉल्ट में खाना बनाने को कहता है तो कोई हर दो महीने में कुकिंग ऑयल चेंज करने की बात करता है। कभी गुड़ सही होता है, कभी गुड़ में भी एक खास वरायटी को डाइट में लेने को कहा जाता है। कभी हमारा बीएमआई एकदम सही रहता है तो उसमें बढ़ा कोलेस्ट्रॉल हमें कई बीमारियां दे देता है। आखिर हमारे लिए क्या खाना और कैसे खाना सही रहेगा, जिससे सेहतमंद रहा जाए, इसी के बारे में जानें यहां।


 

सवाल: चीनी के पैकेट पर सल्फरलेस लिखा आता है। यह क्या है? क्या इसे लेना सही है ?


जवाब: चीनी देखने में सफेद होती है। बाज़ार में चीनी तीन तरह की है व्हाइट, ब्राउन और सल्फरलेस शुगर। सफेद में कैलरी बहुत होती है। इसे खाने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। सफेद चीनी को महीन बनाने के लिए इसमें सल्फर मिलाया जाता है, जिससे सांस की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।


ब्राउन शुगर में सफेद चीनी की तुलना में कम कैलरी होती है। शरीर को जितने आयरन की ज़रूरत होती है, सल्फरलेस चीनी में सफेद और ब्राउन की तुलना में कम कैलरी होती है। यह सेहत के लिए एकदम सुरक्षित मानी जाती है। चीनी को अपने खाने से दूर कर दें। मिठाइयां, केक व कुकीज़ खाने से बचें। प्राकृतिक मिठास वाली चीज़ें जैसे गुड़, ऑर्गेनिक शहद, शकरकंद खाना बेहतर रहेगा।


मेवे सेहत के लिए अच्छे होते हैं, पर इनमें पाया जाने वाला फ्रक्टोज़ शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। सूखे फलों से बेहतर है कि ताज़े फल खाएं। फलों का जूस पीने से बेहतर है कि फल ही खाएं। इससे शरीर को फाइबर मिलेगा और आपको मिठास भी।


सवाल: पिंक और रॉक सॉल्ट के बारे में बहुत चर्चा है। अब इसे हर घर में खाया जा रहा है। कौन-सा नमक खाना बेहतर होगा?


रॉक सॉल्ट यानी सेंधा नमक: सेंधा नमक को उपवास में खाया जाता है क्योंकि यह शुद्घ माना जाता है। इसमें 92 में से 84 ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं, जैसे इसमें पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, जि़ंक, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे पोषक तत्व मौज़ूद हैं। यह नमक पाचन में सुधार करता है। जिन लोगों को हार्ट और किडनी संबंधित परेशानियां हैं, उनके लिए इस नमक का सेवन बहुत फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित और इम्युनिटी बूस्ट करता है। वज़न कम करता है। साइनस दूर करने के साथ तनाव दूर करता है।पिंक सॉल्ट : हिमालय क्षेत्र में पाया जाने वाला गुलाबी नमक रासायनिक रूप से टेबल नमक के समान होता है। इसमें 98 प्रतिशत तक सोडियम क्लोराइड है। यह हलके गुलाबी रंग का दिखता है।


टेबल सॉल्ट या सादा नमक: इस नमक में सोडियम की मात्रा सबसे अधिक होती है। टेबल सॉल्ट में आयोडीन भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। यदि नमक का सीमित मात्रा में सेवन करें तो यह कई फायदे करता है लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन हमारी हड्डियों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिससे वह कमज़ोर होने लगती हैं।


ब्लैक सॉल्ट या काला नमक : काला नमक का सेवन हर तरह के व्यक्ति के लिए सही है। इसके ​सेवन से कब्ज़, बदहज़मी, पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी आना और जी घबराने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। बेशक इस नमक के अपने कई फायदे हैं, पर इसमें क्लोराइड होता है। इसलिए इसका सेवन करें पर सीमित मात्रा में।


लो सोडियम सॉल्ट: इसे पोटैशियम नमक भी कहा जाता है। सादा नमक की तरह इसमें भी सोडियम और पोटैशियम क्लोराइड होते हैं, जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या होती हैं उन्हें लो सोडियम नमक का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा हदय रोगी और मधुमेह रोगियों के लिए भी यह नमक फायदेमंद होता है।


ध्यान दें : काला नमक एनीमिया और घेंघा से पीडि़त लोगों के लिए अच्छा है। क्योंकि इसमें आयरन और आयोडीन की सही मात्रा होती है। हाइपरटेंशन और ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त लोगों के लिए गुलाबी नमक बेहतर है। इसमें मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है। समुद्री नमक बलगम दूर करता है और बीपी को रेगुलेट करता है। डायबिटीक लोगों के लिए भी सही रहता है।


कितनी मात्रा में खाएं नमक


डब्ल्यूएचओ के अनुसार, रोज़ाना 2 ग्राम नमक खाना चाहिए। शरीर को रोज़ाना 500 मिलीग्राम सोडियम की ज़रूरत होती है। एक चम्मच नमक में 2300 मिलीग्राम सोडियम होता है।


सवाल : अगर किसी का 25+ बीएमआई हो तो उसे किस तरह की डाइट लेनी चाहिए?


बीएमआई 18 से लेकर 23 तक इंसान फिट की श्रेणी में आता है लेकिन अगर बीएमआई 25 से ज़्यादा हो जाए तो उसे डाइट और व्यायाम के ज़रिये अपना वज़न कम करना चाहिए।